बिजली, अन्ना मवेशी और जल जीवन मिशन की बदहाली के खिलाफ डटे किसानों की जीत, 14 सूत्रीय मांगों पर बनी सहमति
बिजली, अन्ना मवेशी और जल जीवन मिशन की बदहाली के खिलाफ डटे किसानों की जीत, 14 सूत्रीय मांगों पर बनी सहमति

बिजली, अन्ना मवेशी और जल जीवन मिशन की बदहाली के खिलाफ डटे किसानों की जीत, 14 सूत्रीय मांगों पर बनी सहमति
बांदा जनपद (उत्तर प्रदेश)
बिसंडा बिजली घर परिसर में सिंचाई, बिजली, अन्ना मवेशी और पेयजल समस्याओं को लेकर समाजसेवी पीसी पटेल (जनसेवक) एवं क्षेत्रीय किसानों द्वारा चलाया जा रहा अनशन चौथे दिन प्रशासनिक और राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद समाप्त हो गया।
अध्यक्ष जिला पंचायत सुनील पटेल एवं पूर्व मंत्री शिवशंकर सिंह पटेल की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों की 14 सूत्रीय मांगों पर एक सप्ताह (7 दिन) के भीतर लिखित समाधान का आश्वासन पत्र सौंपा, जिसके बाद अनशनकारियों ने आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया।
🚨 प्रमुख समस्याएं: बिजली, अन्ना गौवंश और जल जीवन मिशन
अनशनकारी किसानों और समाजसेवी पीसी पटेल के अनुसार, वर्तमान में किसान धान की नर्सरी और रोपाई के कार्य में रात-दिन जुटे हुए हैं। नहरों में पानी न आने के कारण किसान पूरी तरह विद्युत आपूर्ति पर निर्भर हैं, लेकिन बिजली विभाग और ठेकेदारों की लापरवाही से ग्रामीण क्षेत्र लगातार परेशान हैं।
इसके अलावा, क्षेत्र में निम्नलिखित प्रमुख मुद्दे उठाए गए:
कागजी आख्याओं से गुमराह करना: शिकायतों पर बिना स्थलीय निरीक्षण किए मनमुताबिक रिपोर्ट लगाकर शासन-प्रशासन को भ्रमित करने का आरोप।
अन्ना गौवंश का प्रकोप: सड़कों और खेतों में घूम रहे अन्ना मवेशियों के कारण धान की नर्सरी बर्बाद हो रही है तथा आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं।
जल जीवन मिशन की विफलता: बुंदेलखंड के घरों तक पानी पहुँचाने के दावे सिर्फ कागजों पर सिमटे हैं, जबकि धरातल पर पानी की किल्लत बरकरार है।
✍️ अधिकारियों का लिखित आश्वासन और अनशन की समाप्ति
चौथे दिन किसानों के बीच पहुँचे जनप्रतिनिधियों एवं उच्च अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं की गंभीरता को समझा और समाधान का खाका तैयार किया।
लिखित आश्वासन देने वाले प्रमुख अधिकारी व प्रतिनिधि:
मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अजय पाण्डेय
तहसीलदार अतर्रा एवं बबेरू
अधीक्षण अभियंता (दक्षिणांचल विद्युत, बांदा)
अधिशासी अभियंता (विद्युत एवं जल निगम, अतर्रा)
उपखंड अधिकारी (अतर्रा)
प्रशासन द्वारा 7 दिनों के भीतर सभी 14 सूत्रीय मांगों का निस्तारण करने का लिखित पत्र सौंपे जाने पर किसानों ने अपना अनशन स्थगित किया।
⚠️ वादाखिलाफी पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
अनशन समाप्त करते हुए समाजसेवी पीसी पटेल ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय-सीमा में लिखित आश्वासन का पालन नहीं किया गया, तो किसान पुनः वृहद स्तर पर जनांदोलन करने को बाध्य होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और शासन-प्रशासन की होगी।
👥 मौके पर मौजूद प्रमुख लोग
इस अवसर पर समाजसेवी पीसी पटेल के साथ राजरानी, विमला, रामप्यारी, मधु कुमारी, हीरिया देवी, शकुंतला, रामनिहोर, अखिलेश मौर्य, सुमित, दीपू, रामचंद्र, अशोक, राजाराम, धीरेन्द्र पटेल, चंद्रकेशन सिंह, राजधर शुक्ला, राजेंद्र प्रसाद, बृजकिशोर पटेल, छोटेलाल पटेल, गया प्रसाद (पत्रकार), मोहित, सचेंद्र, रामबहोरी (शिक्षक), राजकरण पटेल, रामनरेश मौर्य, नवलकिशोर, श्यामकिशोर पटेल, पवन त्रिपाठी, मुलायम यादव, संदीप, अंकित, रोहित, अर्जुन कुशवाहा सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और किसान उपस्थित रहे।
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