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बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के डीजी विनय कुमार पहुंचे सहरसा

बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के डीजी विनय कुमार पहुंचे सहरसा।

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लोकेशन :- सहरसा बिहार
संवाददाता :- विकास कुमार 8877760777।

बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के डीजी विनय कुमार पहुंचे सहरसा।

बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के डीजी पहुंचे सहरसा। SC/ST थाना के निर्माणाधीन भवन का किया निरीक्षण। कांट्रैक्टर पर जमकर बरसे।

जिले में पुलिस भवन की स्थिति व नए भवनों के निर्माण कार्य के निरीक्षण को लेकर पटना से सहरसा पुलिस मुख्यालय पहुंचे बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के डीजी विनय कुमार को जिला अतिथि गृह में पुलिस अधिकारी व जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया. उसके बाद डीजी ने पुलिस केंद्र का निरीक्षण करते वहां के भवन व कार्यालयों का भी निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्हें जो कमी या समस्या दिखी उसके लिए साथ में मौजूद डीआईजी मनोज कुमार को अवगत कराते अपने स्तर से कार्य को पूरा कराने का निर्देश दिया. उसके बाद उन्होंने लगभग चार वर्षों से निर्माणाधीन एससी एसटी थाना भवन का निरीक्षण किया. जिसमें काफी बचे कार्य को देखकर डीजी विफर गए.

उसके बाद निर्माण कार्य एजेंसी सखा कंस्ट्रक्शन के संवेदक राम सखा कुमार के बारे में जब पूछा गया तो पता चला कि वह बेगूसराय की कंपनी है और संवेदक भी वहीं रहते हैं. उस काम को सखा कंस्ट्रक्शन ने पेटी कॉन्ट्रैक्ट पर एक स्थानीय सहायक संवेदक को दे दिया है. जबकि थाना भवन के निर्माण कार्य की अवधि पिछले वर्ष 2023 में ही समाप्त हो चुकी है. बावजूद डीजी ने अब से तीन माह का अतिरिक्त समय सीमा देते कार्य पूरा करने का निर्देश दिया. यदि निर्धारित अतिरिक्त समय सीमा के बाद भी निर्माण एजेंसी इस काम को पूरा नहीं करता है तो उसे अविलंब ब्लैक लिस्टेड करने का निर्देश दिया.

3 करोड़ 42 लाख की लागत से लगभग 4 वर्षों से बन रहे एससी एसटी थाना भवन के निर्माण कार्य में विलंब होने को लेकर जब डीजी विनय कुमार से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि पुलिस भवन से संबंधित जो भी योजनाएं लंबित है उसे जल्द से जल्द कैसे पूरा किया जाए उस पर काम कर रहे हैं. लेकिन यहां प्रारंभ में ही कुछ कारणों से एससी एसटी थाना भवन के निर्माण कार्य में विलंब हो गया था. पूर्व से बने पुराने बिल्डिंग को तोड़ने में भी विलंब हुआ. तोड़ने के बाद भी कुछ समस्या आ गयी थी. उसके बाद जब कार्य प्रारंभ हो गया तो संवेदक अपने पैसे का रोना रो रहा है. संवेदक द्वारा जितना भी कार्य अब तक किया गया उसका पेमेंट हो चुका है. जो कि काम करने के बाद पेमेंट होता है. जबकि संवेदक को किसी भी काम में अपनी ओर से बैंक गारंटी देनी होती है कि इस परियोजना में 25 प्रतिशत तक अपना फंड लगाएंगे जो कि संवेदक द्वारा इस कार्य में लगभग 80 लाख रुपया अपने फंड से लगाकर काम को लगाए रखना था और काम के अनुसार उसके बिल का भुगतान होता. लेकिन यहां उल्टा हो रहा है. यह कार्य एजेंसी हम लोगों से ही काम के लिए एडवांस ले लिया है और कटौती हो गया तो वह काम करना बंद कर दिया. जबकि निर्माण एजेंसी का जो भी वित्तीय एश्योरेंस है वह अपना पैसा लगा नहीं रहा है. जबकि काम पूरा करने के लिए संवेदक को डेढ़ वर्ष का समय दिया गया था जो वर्ष 2023 में ही पूरा हो गया. बावजूद संवेदक को कार्य पूरा करने के लिए तीन माह का अतिरिक्त समय दिया जा रहा है. यदि इन तीन माह में संवेदक द्वारा भवन निर्माण का कार्य पूरा नहीं किया जाता है तो इस भवन के निर्माण कार्य एजेंसी सखा कंस्ट्रक्शन को ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाएगा.

पुलिस केंद्र स्थित बैरक की बदहाल स्थिति को लेकर जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पुलिस केंद्र में बैरक निर्माण के लिए पूरी प्रक्रिया कर ली गयी है. एक से दो महीने में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा. बनने वाला बैरक एक सौ, दो सौ, तीन सौ, चार सौ, पांच सौ बेड का मल्टी स्टोरेज बैरक पारित है. वहीं जो पुराने बैरक है उसकी भी मरम्मती के लिए एस्टीमेट तैयार है. उसके लिए कुछ फंड्स आया हुआ भी है. जिससे उसकी मरम्मती का कार्य तेजी से कराया जाएगा. वहीं जिले के लगभग आठ थानों में से वैसे थाने जिसके पास अपनी जमीन और भवन नहीं है उसे जमीन उपलब्ध कराकर भवन के लिए स्वीकृति दी जा रही है.

anupam

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