सहरसा बिहार नंबर किसी का, गाड़ी किसी की.. शराब तस्करी नया खेल
नंबर किसी का, गाड़ी किसी की.. शराब तस्करी नया खेल

सहरसा बिहार
विकास कुमार रिपोर्ट
*एंकर :-* बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागु है ऐसे में शराब माफिया शराबबंदी कानून को विफल करने के लिए नया नया तरीका अपनाते रहता है।जिसमें कई बार पुलिस और उत्पाद विभाग के हत्थे चढ़ जाता है।जिसके बाद पुलिस और उत्पाद विभाग शराबबंदी कानून को सख्ती से पालन कराने के लिए सख्त कार्रवाई करते हुए। गाड़ी मालिक पर करवाई करते हुए मामला दर्ज भी करती है। लेकिन पुलिस की अनुसंधान गाड़ी नंबर तक ही सिमट के रह जाती है।और मामला गाड़ी नम्बर के मालिक पर मामला दर्ज कर उनके गाड़ी का नीलामी का नोटिस भेज दिया जाता है। हाजिर नही होने पर गाड़ी की नीलामी की बात नोटिस में कही जाती है।ऐसा कुछ मामला सहरसा से आया है जिसमें उत्पाद अधिनियम के तहत जो मामला 30 मई को दानापुर के बिहटा थाना में जो दर्ज किया गया है। जिस नम्बर का चार चक्का गाड़ी पकड़ाया है उसका मलिक सहरसा का रहने वाला है जिसे वजावते हाजीर होने का नोटिस नोटिस किया गया है। उत्पाद अधिनियम के तहत नोटिस मिलने के बाद गाड़ी मालिक हैरान और परेशान होकर सदर थाना सहरसा पहुंचा और अपनी गाड़ी सहरसा में होने की बात बताई लेकिन मामला बिहटा थाना के होने की वजह से गाड़ी मालिक को पटना डीएम से मिलने की बात बताई गई।अब जो तीन तस्वीर आपको दिखाने जा रहे हैं वो बिहटा थाना का कारनामे का पोल खोलकर रख देगा। पहला तस्वीर हम आपको बिहटा थाना में लगी चार चक्का वाहन का दिखाने जा रहे है जिससे 30 मई को शराब बरामद किया गया था।अब जरा बिहटा थाना में लगी हुई चार चक्का गाड़ी के नंबर प्लेट पर गौर करें BR19P-0821 है। दूसरी तस्वीर हम आपको 17 सितंबर का दिखाने जा रहे है जब गाड़ी को विश्वकर्मा पूजा के लिए साफ सफाई कर तैयार किया जा रहा है।तीसरी तस्वीर हम आपको रिफ्यूजी कॉलोनी स्थित कहरा रोड की दिखा रहे है जहां आज भी गाड़ी नंबर BR19P–0821नंबर की गाड़ी लगी हुई है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है क्या एक ही नंबर की चार चक्का वाहन सहरसा और बिहटा थाना में हो सकता है।क्या पुलिस का अनुसंधान सिर्फ नंबर प्लेट तक ही सीमित है या फिर अनुसंधान के और भी तरीके है। गाड़ी मालिक बिहटा थाना द्वारा भेजे गए नोटिस के बाद से ही हैरान परेशान है।इनकी माने तो इन्हे पता भी नही की इनके गाड़ी नंबर का गाड़ी 30 मई से बिहटा थाना में लगी है। जबकि इनकी गाड़ी इनके पास है। बिहटा थाना द्वारा दिए गए नोटिस के बाद सवाल खड़ा होता है आखिरकार दोनों एक ही गाड़ी नम्बर का मालिक कौन।अगर बिहटा थाना में लगी गाड़ी का मालिक सहरसा का है तो उसी नम्बर का गाड़ी जो सहरसा में लगी हुई है उस गाड़ी का मालिक कौन है। ऐसे में सवाल उठाता है क्या एक नम्बर की दो गाड़ी हो सकता है।अगर नही तो गाड़ी नम्बर के नाम पर शराबबंदी अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने वाले पुलिस का अनुसंधान भी संदेह के घेरे में है।
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