आगरा दबंगई: बच्चों की लड़ाई में शिक्षा का मंदिर बना मारपीट का अखाड़ा


महिला प्रधानाचार्य पर हमला रसोइया को भी पीटा, घायल
-फोटो
**दो बच्चों में मामूली झगड़े के बाद अभिभावकों ने दिखाया दुस्साहस
**सरकारी स्कूल की ऑफिस में घुसकर अभिलेख फाड़े, शिक्षक भयभीत
एत्मादपुर (आगरा)। दो बच्चों के मध्य मामूली झगड़े बाद शिक्षा का मंदिर (स्कूल) सोमवार को मारपीट का अखाड़ा बन गया। बच्चे की शिकायत पर अभिभावकों ने लाठी-डंडों से लेस हो सरकारी स्कूल की महिला प्रधानाचार्य पर हमला बोल दिया। उन्हें बचाने के लिए आई रसोइया को भी मारपीट कर घायल कर दिया। वहीं आफिस में रखे अभिलेखों को फाड़कर फेंक दिए। प्रधानाचार्य ने पुलिस को दी तहरीर में छात्र के पिता को नामजद करते हुए कई स्वजनों को आरोपित किया है।
मामला पूर्व माध्यमिक विद्यालय एत्मादपुर (कंपोजिट) का है। यहां सोमवार को मध्यान्ह भोजन अवकाश में खेलने के दौरान कक्षा आठ के छात्र शिवम और गौरव के बीच झगड़ा हो गया। आरोप है कि इसकी जानकारी शिवम पुत्र वीरेंद्र चौहान ने स्कूल के पास बस्ती में अपने घर जाकर दी तो उसके माता-पिता, चाचा-चाची पड़ोसियों के साथ एकराय हो लाठी-डंडा लेकर स्कूल आ धमके। उन्होंने बिना कुछ पूछे गुस्सा में मेज पलट दी और अभिलेख फाड़कर फेंक दिए। उन्हें बचाने के लिए रसोइया सीया प्यारी अम्मा आई तो उन्हें भी पीट डाला। उनके हाथ में चोट लगी है।
प्रधानाचार्य और रसोइया पर हमला होने के बाद सभी शिक्षक और बच्चे भयभीत हो गए। शिक्षण कार्य बंद कर दिया गया। हमले की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद पीड़ित प्रधानाचार्य ने थाना जाकर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हुए तहरीर दी। इसमें कहा गया है कि हमले की घटना के बाद से शिक्षक और बच्चे बुरी तरह भयभीत हैं। इधर पुलिस का कहना है कि हमले के संबंध में तहरीर मिली है। जांच पड़ताल चल रही है।
***********
थाना में समझौता को दवाब
एत्मादपुर: सरकारी स्कूल की महिला प्रधानाचार्य और रसोइया पर हमले के बाद थाना जाकर तहरीर देने के बाद ही कुछ लोग थाने में पहुंच कर समझौते के लिए प्रधानाचार्य पर दवाब बनाने में लग गए।
*************
हाईवे पर चढ़ता डामर से भरा टैंकर पलटा, बड़ा हादसा टला
-फोटो
**चौदह चक्का टैंकर की केबिन में फंसे घायल चालक को लोगों ने निकाल अस्पताल पहुंचाया
**बिजली के खंभे में टकराने से बाल-बाल बचने पर टला बड़ा हादसा, अफरा-तफरी मची
एत्मादपुर (आगरा)। हाईवे पर चढ़ रहा डामर से भरा चौदह चक्का टैंकर बीती रात मोहल्ला सतौली की सड़क की ढलान पर नगर पालिका परिषद के नलकूप के सामने गहरे गड्ढे में पलटकर उलटा हो गया। घायल चालक के केबिन में फंसने पर आसपास के लोगों ने उसे बाहर निकाल अस्पताल पहुंचाया। दो युवक टैंकर के नीचे आने से बाल-बाल बच गए। चंद कदम की दूरी पर स्थित बिजली का डबल खंभा भी चपेट में आ जाता तो बड़ा गंभीर हादसा हो जाता। गनीमत रही कि ऐसा कुछ नहीं हुआ।
हादसा बीती रात साढ़े ग्यारह बजे मोहल्ला सतौली की पुराने रेलवे फाटक वाली सड़क की ढलान पर हुआ। टीएन ट्रांसपोर्ट बुलंदशहर के टैंकर मथुरा रिफाइनरी से विभिन्न शहरों में डामर ले जाने का काम करते हैं। सादाबाद के गांव बघरोली निवासी सोमवीर चालक हैं। सोमवार की शाम को वह मध्यप्रदेश के लिए चौदह चक्का टैंकर संख्या यूपी 13, बीटी 5860 में डामर लेकर जा रहा था। मोहल्ला सतौली में उसकी बहन इंद्रवती रहती हैं। उनसे मिलने के लिए वह आया था। रात साढ़े ग्यारह बजे वह टैंकर को पुराने रेलवे फाटक की सड़क से हाईवे पर चढ़ा रहा था। तभी टैंकर अधर होकर नगर पालिका परिषद के नलकूप के सामने गहरे गड्ढे में पलटकर उलटा हो गया।
आबादी क्षेत्र में टैंकर पलटने से अफरा-तफरी मच गई। क्षैत्रीय लोगों की मौके पर भीड़ जमा हो गई। टैंकर को चढ़ाते समय उसके पिछले पहियों में ओट लगा रहा बंटू और उसका भाई दबने से बाल-बाल बच गए। हादसे की सूचना मिलने पर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष राकेश बघेल मौके पर पहुंच गए। उन्होंने टैंकर की केबिन में फंसे घायल चालक को खिड़की तोड़कर बाहर निकलवाया और फिर उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टैंकर अगर एक मीटर दूर डबल बिजली के खंभे से टकरा जाता तो कई लोगों की जान जा सकती थी। हादसे की जानकारी मिलने पर थाना पुलिस और रात एक बजे रिफाइनरी से कंपनी के राहतकर्मी भी मौके पर पहुंच गए।
Subscribe to my channel



