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आगरा पुलिस ने एक महीने में बरामद किए 155 अवैध असलाह और 258 कारतूस बनाने बेचने वाले बेसुराग

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अरविंद कुमार श्रीवास्तव रिपोर्ट

आगरा जिले में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पुलिस अपराधियों की धरपकड़ का अभियान चला रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ उनसे तमंचे और कारतूस बरामद किए जा रहे हैं। लेकिन इन तमंचों और कारतूस को बनाने-बेचने वाले कौन हैं इस बारे में पता नहीं किया जा सका है। एक महीने में पुलिस ने 155 अवैध असलाह और 258 कारतूस बरामद किए। अवैध असलाह में 315 बोर के तमंचों की संख्या अधिक थी। कारतूस की ब्रिकी असलाह की दुकान से ही हो सकती है। पुलिस के मुताबिक, स्थानीय स्तर के अलावा अवैध असलाह मध्य प्रदेश के कुछ जिलों से आते हैं। तीन से पांच हजार में आसानी से मिल जाते हैं। ये तस्करों की मदद से एक जिले से दूसरे जिले में पहुंचते हैं। लेकिन इनको बनाने वालों के बारे में पुलिस जानकारी नहीं कर सकी है।
ये हुईं कार्रवाई
– थाना एत्माद्दौला पुलिस ने सोमवार को दो वाहन चोरों को गिरफ्तार किया। उनसे एक तमंचा और दो कारतूस बरामद किए।
– थाना एत्माद्दौला पुलिस ने 16 जनवरी को जिला बदर का आरोपी पकड़ा। उससे तमंचा और एक कारतूस मिला।
– थाना सिकंदरा पुलिस ने 15 जनवरी को चोरी के आरोपी को पकड़ा। उससे तमंचा और एक कारतूस बरामद किया।
– थाना खंदौली पुलिस ने 14 जनवरी को दोअभियुक्तों से दो तमंचा और तीन कारतूस को बरामद किया।
– थाना मलपुरा पुलिस ने दो वांछित आरोपी पकड़े। उनसे दो तमंचे और कारतूस बरामद किए।
यमुना किनारे पकड़े थे तमंचे और रायफल बनाते
14 जनवरी को थाना न्यू आगरा पुलिस ने मऊ गांव के जंगल में यमुना किनारे से तीन लोगों को पकड़ा था। वह जंगल में तमंचे, रायफल बना रहे थे। उनके पास से कारतूस भी बरामद किए गए थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि कारतूस मध्य प्रदेश से लेकर आए हैं। पुलिस ने कारतूस बेचने वालों के बारे में पता नहीं कर सकी।
अपराधियों की पहली पसंद 315 बोर का तमंचा
पुलिस अक्सर अपराधियों के पास से तमंचा बरामद करती है, जोकि 315 बोर का होता है। पुलिस का कहना है कि इस तमंचे से एक बार आसानी से फायर हो जाता है। लूट और चोरी के दौरान अपराधी इसका इस्तेमाल अधिक करते हैं। 315 बोर के तमंचे से पांच फुट से अधिक दूरी पर निशाना नहीं लग सकता। वारदात के दौरान पीड़ित व्यक्ति बदमाश के नजदीक ही होता है। नजदीक से गोली चलाने पर घायल की मृत्यु तक हो जाती है। इसकी गोली से शरीर में बड़ा घाव होता है।
अपराधी सही जानकारी नहीं देते हैं – एसपी सिटी
एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि आरोपियों से बरामद तमंचे और कारतूस के बारे में पुलिस टीम पूछताछ करती है। वह जो जानकारी देते हैं, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाती है। अवैध असलाह और कारतूस बेचने वालों को चिह्नित किया जाता है। कई बार अपराधी सही जानकारी नहीं देते हैं।

anupam

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