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राजपूत करनी सेना के रस्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या को लेकर पूर्व सांसद आनंद मोहन का बयान आया सामने

राजपूत करनी सेना के रस्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या को लेकर पूर्व सांसद आनंद मोहन का बयान आया सामने

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*संवाददाता :-* विकास कुमार सहरसा (बिहार)।

*स्टोरी :-* राजपूत करनी सेना के रस्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या को लेकर पूर्व सांसद आनंद मोहन का बयान आया सामने।उन्होंने कहा कि मौत के बदले मौत होनी चाहिए सिर्फ मौत।

*एंकर :-* सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की जिस तरह से कायराना हत्या की गई है में शक्त निंदा करता हूँ और मैं मानता हूं सुखदेव सिंह गोगामेड़ी जी एक शेर दिल इंसान थे वो मर्द थे और मर्द के मौत पर मातम नहीं मनाए जाते।ये जो हरकत है वो कायरतापूर्ण हरकत है।धोखे से एक शेर को शहीद कर दिया गया ।मैं ये मानता हूं सुखदेव सिंह गोगामेड़ी कोई भूमाफिया नहीं थे कोई बिल्डर नहीं थे उनका कोई अपराध से संलिप्तता नही थी वो शुद्ध रूप से मूलतः राजपूत समाज के बड़े नेता थे कद्दावर नेता थे धोखे से कायरों ने उनकी हत्या कर दी।ये भी सामने आ रही है चाहे गुप्तचर एजेंसियां चाहे राज्य सरकार की हो या केंद्र सरकार की हो उनको ये जानकारियां थी उनकी हत्या के लिए 47 खरीदे गए उनकी हत्या के लिए कुछ बड़े गैंग को सुपारी दी गयी है हत्या को लेकर के ।ये सब जानकारी रहते एक व्यक्ति की हत्या कर दी जाती है में मानता हूं इसमें बहुत दूर की बातें हैं कहीं न कहीं राजनीतिक कनेक्शन है।
उन्होंने ये भी कहा कि हत्या का जो अवसर चुना जाता है एक सरकार जाती है और दूसरे सरकार आने वाली है अभी किसीका ओथ नहीं हुआ है ।ऐसे समय को चुनना ये शातिर दिमाग का उपज है।जो कुछ भी हुआ इसकी सिर्फ निंदा नहीं कि जा सकती है इसपर सिर्फ मातम नहीं मनाया जा सकता है ।हम सभी पूरा समाज पूरा देश यही डिमांड कर रहा है मौत के बदले मौत जैसे भी हो।ये सरकार का दायित्व है जिस तरह से गुंडे घुस करके घर में धोखे से हत्या किया है वो भी मिलने के बहाने ये बहुत ही नपुंसकता कार्रवाई है।और ऐसे में हम देखना चाहते हैं जो सरकार क्या कर रही है।ये क्षत्रिय बलिदानी कॉम है हम दूसरों के लिए ज्यादा जीते रहे हैं मरते रहे हैं अपने लिए जीना कम दूसरों के मरते रहे हैं ।
सुखदेव सिंह गोगामेड़ी में समझता हूं 40 के पार जरूर होंगे ।यहां तो हमारे पुरखों ने हमारा नैतिक उम्र सीमा तय कर दिया है 18 साल।18 साल के बाद जो भी हम जिंदा है या जीवित हैं वो हमलोग बोनस की जिंदगी जी रहे हैं।इसलिए इसकी परवाह नहीं है मौत सबको एक दिन सबका होना है।ये किसी के लिए कायराना हरकत होगा सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की मौत एक शानदार मौत है।गोलियों से सीने पर गोली ख़ाकरके और किसी ने धोखे से मारा है और सीने पर मारा है ये समाज के लिए मरा है।समाज इसे कभी भूलेगा नहीं।
वहीं उन्होंने ये भी कहा कि मैं कहूंगा राज्य सरकार को राजस्थान पुलिस को राजस्थान सरकार को समय रहते इसपर शक्त से शक्त कार्रवाई करें।और एनकाउन्टर जैसे डिमांड है लोगों का मौत के अलावा कोई डिमांड नहीं है।

anupam

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