अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में मुशायरा का हुआ आयोजन, कविताओं और शायरी पर झूम उठे श्रोतागढ
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में मुशायरा का हुआ आयोजन, कविताओं और शायरी पर झूम उठे श्रोतागढ

*अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में मुशायरा का हुआ आयोजन, कविताओं और शायरी पर झूम उठे श्रोतागढ*
फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद में हाइवे रोड स्थित बाबा तूफान सिंह गेस्ट हाउस में मंगलवार की रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एंव मुशायरा का आयोजन किया गया। अल्फाज अदबी अन्जुमन शिकोहाबाद फिरोजाबाद के बैनर तले आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का मुख्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इसके पश्चात कवियों ने मां वीणा वाली की आराधना कर आयोजन को गति दिया। कार्यक्रम के आयोजक छविनाथ सिंह पूर्व प्रधानाचार्य थे।
शिकोहाबाद के कवि प्रेमस्वरूप पारस ने अपनी कविता के माध्यम से बोलते हुये कहा कि गुलशनों के सुमन फिर खिलें ना खिलें, साथ जो मिल गये फिर मिलें न मिलें। वहीं शिकोहाबाद के जाने माने कवि डाॅ अशोक अनुरागी ने अपनी रचना के माध्यम से कहा कि सांसों की गणना में पाया, लम्हे बहुत फिजू लगाये हैं, ऊंचाई पर चढते-चढते गिरते सभी उसूल गये है। वहीं डाॅ अरविंद कुमार पाल भोगांव ने अपनी देश पर कविता पढते हुये कहा कि हसकर फांसी फंदे चूमे, चढी जवानी हमने दी। ऐसे नहीं मिली आजादी हा कुर्बानी हमने दी। कवि सम्मेलन को सुनने के लिए भारी संख्या में लोग महफिल का आनन्द लेते रहे। वही शायरों द्वारा की गई शेर-ओ-शायरी महफिल में देर रात तक जोश भरती नजर आई। एक के बाद एक कवियों और शायरों ने अपनी रचनाएं पेश कर मौजूद लोगों की जमकर वाहवाही लूटी।
कार्यक्रम का संचालन भोगाॅव के बदनसिंह मस्ताना ने किया। कार्यक्रम के अंत में शिकोहाबाद के कवि डाॅ निर्दोष कुमार प्रेमी ने सभी आये हुये अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
वहीं अन्य कवियों में इटावा के हरिओम सिंह विमल, करहल से पे्रमचन्द्र शाक्य, सतीश समर्थ, अशोक मथुरिया, दिल्ली से संजू सूर्यम ठाकुर, देवीसिंह कुशवाह, आगरा के नाहर सिंह शाक्य नवीन, कन्नौज के पहुॅचीलाल विषधर, कुरावली के सुरेश चैहान नीरव, डाॅ पदमसिंह पदम, डाॅ त्रिमोहन तरल, विनोद राजयोगी, बेबर के ओमप्रकाश बेबरिया, डाॅ कप्तान सिंह संघर्षी, सर्जन शीतल आदि दर्जनों कवियों ने हिस्सेदारी की।
*जिला फिरोजाबाद से अरविंद कुमार श्रीवास्तव की रिपोर्ट*
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