सम्मानित पत्रकार को फंसाने की साजिश एबीएसए मऊ के द्वारा गलत रिपोर्ट विभागीय जांच पर भी अब उठ रहे सवाल
सम्मानित पत्रकार को फंसाने की साजिश एबीएसए मऊ के द्वारा गलत रिपोर्ट विभागीय जांच पर भी अब उठ रहे सवाल

चित्रकूट उत्तर प्रदेश न्यूज

सम्मानित पत्रकार को फंसाने की साजिश एबीएसए मऊ के द्वारा गलत रिपोर्ट विभागीय जांच पर भी अब उठ रहे सवाल
शिक्षा विभाग की जाँच पड़ताल भी आई सवालों के घेरे में
पत्रकार की शिकायत और उठाए गए सवालों पर जाँच के पूर्व ही पत्रकार पर लगे गम्भीर आरोप
चित्रकूट जनपद के तहसील मऊ अंतर्गत एक जिम्मेदार पत्रकार के द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग के एक शिक्षक पर विद्यालय में आने जाने पर जानबूझकर देरी से पहुंचने एवं शिक्षण कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जाँच पड़ताल कर कार्यवाही करने की माँग की थी लेकिन पत्रकार को क्या पता था कि उसके द्वारा लगाए गए आरोपों पर कार्यवाही करने की बजाए विभागीय जांच शुरू होने के पूर्व ही सवाल खड़े करने वाले पत्रकार अजय शुक्ला के ऊपर खुद वसूली करने का गम्भीर आरोप लगा कर आरोपी शिक्षक के द्वारा सम्भावित जांच को ही प्रभावित करने का प्रयास किया गया है और इतना ही नहीं पत्रकार द्वारा शिक्षक के ऊपर लगाए गए आरोपों की जब जाँच पड़ताल करने एबीएसए मऊ मनका के विद्यालय में पहुंचे तो एबीएसए ने भी मामले को सुलझाने की बजाए और उलझाने का काम कर दिया अब सवाल यह है कि यदि इस मामले में लीपापोती ही करना था तो जाँच पड़ताल करने की कवायद शुरू ही क्यों की थी लेकिन अब पत्रकार इस मामले को उच्च स्तर पर उठाने के लिए तैयारी कर रहा है ताकि सच सामने आए और चल रही विभागीय स्तर की जांच कहीं हवाहवाई न हो जाए इसके लिए जिले के आलाधिकारियों से माँग की है कि इस मामले की किसी दूसरे एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की कार्यवाही शुरू करें ताकि सच सामने आ सके
उधर जब इस सन्दर्भ में मनका विद्यालय के शिक्षक संजीव कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को आधारहीन बताया है बकौल शिक्षक संजीव कुमार के अनुसार पूर्व में गणतंत्र दिवस पर विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में तहसीलदार मऊ पहुंचे थे और विद्यालय के बच्चों समेत तारीफ की थी
उधर जब के पी पाण्डेय एबीएसए मऊ से बात की गई तो उन्होंने कहा कि लगभग पन्द्रह पत्रकारों को बता दिया है किसको किसको बताना होगा लेकिन जब उनसे पूछा गया कि जो कहना है वह कहिए या फिर कुछ कहने से मना कर सकते हैं तो उन्होंने कहा कि पत्रकार द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं हमने जाँच कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को प्रेषित कर दिया है शिक्षक समय से विद्यालय में पहुँचते हैं सारे आरोप निराधार पाए गए हैं और जब कोरे कागज पर ग्रामीणों के बयान के नाम पर हस्ताक्षर कराए जाने का सवाल पूछा गया तो के पी पाण्डेय ने कहा कि ऐसा नहीं है मेरे सामने कागज पर ग्रामीणों के हस्ताक्षर कराये गए हैं पैसों की वसूली करने के सवाल पर कुछ कहने की बजाए एबीएसए ने कहां ऐसी कोई बात नहीं है लेकिन अपनी रिपोर्ट में रुपया मांगने का जिक्र किया है अगर ऐसा ही रवैया रहा तू चित्रकूट जनपद मैं शिक्षा का स्तर क्या होगा देश के भविष्य नौनिहालों का क्या होगा जिम्मेदारों से अपील विशेष ध्यान दें शिक्षा को लेकर उधर प्रारम्भिक जाँच पड़ताल से असंतुष्ट पत्रकार अजय शुक्ला का कहना है कि इस मामले की जांच कराने के लिए मैं तैयार हूँ और सच सामने लाने के लिए मेरे द्वारा हर स्तर की लड़ाई लड़ी जाएगी ताकि वास्तविक सच सबके सामने आ सके पत्रकार अजय शुक्ला जी के द्वारा जानकारी प्राप्त
मंडल प्रभारी गंगा प्रसाद करवरिया
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