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सरकारी विकास कार्यों में धांधली,अधिकारियों की मनमानी

सरकारी विकास कार्यों में धांधली,अधिकारियों की मनमानी

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योगेंद्र प्रताप सिंह ब्यूरो चीफ

बाँदा प्रदेश की योगी सरकार का जो नारा था कि हम जनता को भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देगे ऐसा सँभव हो पाना बडा ही मुश्किल ही दिखाई पड रहा है । क्योकि जब तक सडा हुआ तँत्र मौजूद रहेगा तब तक सरकार के मन्सूबो पर पानी फेरता ही रहेगा क्योकि पूर्व की सरकारो के भाँति इस सरकार मे भी वही पुराना चलन दिखाई दे रहा है।

भ्रष्टाचार से सँबन्धित मामला नरैनी ब्लाक अन्तर्गत ग्राम पँचायत बदौसा से प्रकाश मे आया है । जहाँ पर मनरेगा का पैसा नाला निर्माण हेतु दो कार्यो का निकालकर ग्राम प्रधान रजनी देवी व सचिव योगेश कुमार तकनीकी सहायक कल्पनारायन व रोजगार सेवक हरीशँकर मिश्रा सन 2019-20 डकार गये । जो पैसा सरकार ने ग्रामीणो के मूलभूत सुविधाओ एवँ जरूरतो तथा ग्राम विकास हेतु भेजा गया था परँतु जिम्मेदार डकार गये। जब सोशल आडिट की टीम ने जाँच की तो ये दोषी पाये गये तथा इनको कारण बताओ नोटिस जारी की गयी तो जो इन भ्रष्टाचारियो के अधिकारी है वह लोग इन भ्रष्टाचारियो का सहयोग करते हुये मानकविहीन सामग्री का इस्तेमाल कराते हुये इन भ्रष्टाचारियो को बचाने मे अधिकारी सँलिप्त नजर आ रहे है।

जब हमने इस सँबध मे वर्तमान ग्राम प्रधान से बात की तो उन्होने बताया कि इन चारो ने 2019-20 मे भ्रष्टाचार करके बिना काम कराये ही पैसा निकाल लिये थे। अब उसी पैसे से आनन फानन मानक विहीन सामग्री से बिना सूचना बोर्ड के बगैर ही बिना मेरी मरजी के ही मेरी ग्राम पँचायत मे जबरन काम कराया जा रहा है।अगर मै इस सँबध मे शिकवा शिकायत इसलिये नही कर रही हूँ कि मुझे भी इनके सिस्टम से ही चलना पडेगा वरना मै भी प्रधानी नही कर पाऊँगी ग्राम प्रधान भी इनके सिस्टम के आगे बौना साबित हो रहा है। जबकि सचिव योगेश कुमार का स्थानाँतण जसपुरा ब्लाक मे हो चुका है ।

जब हमने खँड विकास अधिकारी नरैनी से बात की तो उन्होने बताया कि सब कुछ ऐसा ही चलता है हम केवल कागजो मे ही ग्राम विकास का सारा विकास कार्य चलवाते है हमे सिस्टम के तहत पूरे सिस्टम का विकास करना पडता है जबकि इस प्रकरण की पूरी जानकारी डी.सी. मनरेगा व मुख्य विकास अधिकारी व लोकपाल मनरेगा सहित सभी को है परन्तु सभी चुप्पी साधे हुये है।

मनरेगा एक्ट ग्रामीणो को रोजगार मुहैया कराने तथा ग्रामीणो के पलायन रोकने हेतु ही सरकार द्वारा यह योजना चलाई गयी थी कि गाँव मे ग्रामीणो को सौ दिन का रोजगार दिया जा सके।परन्तु इन भ्रष्टाचरियो ने मजदूरो को भी नही बख्शा उनके भी हक मे डाका डाल दिये। ऐसे भ्रष्टाचारियो को बचाने भ्रष्टाचारी अधिकारी पूरी तन्मयता से लगे दिखाई दे रहे ।सब कुछ जानते हुये भी अनभिज्ञ बने मौन बैठे हुये है।

anupam

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