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सुपौल बिहार लाखों की लागत से बन रही सड़क में खुलेआम हो रही धांधली।

लाखों की लागत से बन रही सड़क में खुलेआम हो रही धांधली।

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रिपोर्ट:-बलराम कुमार सुपौल बिहार।

एंकर:-मामला सुपौल जिला के त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय मुख्यालय अंतर्गत मानगंज पश्चिमी पंचायत के वार्ड नम्बर दो में चल रही मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना के तहत लाखों की लागत से बन ढलाई सड़क में खुलेआम धांधली करने की है।
ग्रामीणों ने बताया की सड़क जो ढलाई कर रहा है उसमें बिल्कुल गिट्टी के बदले मिट्टी में सीमेंट बालू मिलाकर सड़क ढलाई कर रहे हैं।
हमलोगों के द्वारा कहने पर भी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं।
नाहीं तो कहीं पर कोई बोर्ड भी लगा हुआ है।
जबकि सरकारी कानून के अनुसार पहले योजना बोर्ड लगाया जाता है।
फिर योजना का कार्य शुरू की जाती है।
ताकि जनता को भी पता चले की किस योजना से कार्य हो रहा है।
कितनी की लागत से सड़क बन रही है।
सड़क ढलाई में कौन सा गिट्टी लगाना है।
कौन सा बालू लगाना है।
लेकिन यहाँ अधिकारी और संवेदक की मिली भगत से मनमानी तरीके से खुलेआम धांधली कर रहे हैं।
वहीं मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना के स्कूटी साहब से दुरभाष पर सम्पर्क कर जानकारी दी गई तो उन्होंने जेई को भेज कर जाँच करने का हवाला दे दिए।
साथ हीं विभागीय जेई साहब से दुरभाष पर इस बारे में सम्पर्क कर जानकारी दी गई तो उन्होंने बताया की अभी सही गिट्टी नहीं आ रहा है।
इसलिए यही मिट्टी लगाया जा रहा है।
अब आप सोच सकते हैं।
बिना योजना बोर्ड लगाए कार्य शुरू कर सकते हैं।
लेकिन ढलाई के लिए सही गिट्टी आने का इंतजार नहीं कर सकते हैं।
ऐसा नहीं था की सड़क टूटी पड़ी थी।
पहले की बनी सड़क साफ दिखाई दे रहा है की अच्छी बनी हुई है।
देखा जाए तो ढलाई सड़क पर ढलाई करना सरकारी रुपए की बर्बादी करने के बराबर।
जहाँ सड़क कई वर्षों से टुटी पड़ी है वह सड़क बनाने के लिए सरकार को रुपए नहीं है।
लेकिन जो अच्छी सड़क मोहल्ले में बनी है उस पर सरकारी रुपए खर्च कर बर्बाद कर रहे हैं।
आप वीडियो में साफ देख सकते हैं की ढलाई सड़क पहले से हीं कितनीअच्छी है।
आखिर ये किसकी कमी है अधिकारी की या फिर सरकार की।
अधिकारी चाहते तो सरकार को जनता का दिए गए टैक्स के रूप में लाखों रुपए की बर्बादी से बचा सकते थे।
साफ साफ देखा जा सकता है।
आप समझ सकते हैं की ठेकेदारों और अधिकारियों की मिली भगत से रुपए कमाने के चक्कर में कुछ भी कर सकते हैं।
अब देखना लाजमी होगा की सुशासन बाबू की सरकार में क्या खुलेआम अधिकारी और ठेकेदारों की मिलीभगत से घटिया निर्माण होता रहेगा।
या फिर इस पर नकेल भी कसी जाएगी।

बाईट:-ग्रामीण।

anupam

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