गढ़वा झारखंड पंदुका श्रीनगर पुल की कार्य सोन नदी मे पानी भरने के कारण देरी,जूनियर अभियंता ने उम्मीद जताई कि बरसात बाद काम स्पीड से बनना शुरू हो जायेगा
पंदुका श्रीनगर पुल की कार्य सोन नदी मे पानी भरने के कारण देरी,जूनियर अभियंता ने उम्मीद जताई कि बरसात बाद काम स्पीड से बनना शुरू हो जायेगा


झारखंड गढ़वा से दयानंद यादव की रिपोर्ट
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम द्वारा बिहार झारखंड को जोड़ने वाला सोन नदी पर 196 करोड़ 12 लाख रुपए का निविदा आमंत्रित किया गया था जिसमें कुल 26 आवेदकों ने टेंडर डाला था जो की 26 में से 2 टेंडर पेपर फेल हो गया था,न्यूनतम दर 26% डालने वाले मेसेर्स बृजेश अग्रवाल को गया का आवंटन की प्रक्रिया की जा रही है मेसेर्स बृजेश द्वारा 196 करोड़ 12लाख के जगह पर 144 करोड़ में कार्य पूरा करने का सहमति जताया है
जिसके कारण बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा मेसेर्स बृजेश अग्रवाल छत्तीसगढ़ को कार्य की प्रक्रिया आवंटन की गयी है, यह जानकारी बिहार राज्य पुल निर्माण निगम आरा के कार्यपालक अभियंता रामविलास यादव ने दिया उन्होंने कहा कि संवेदक मेसर्स बृजेश अग्रवाल के द्वारा कार्य आवंटन की प्रक्रिया की जा रही है कार्यपालक जूनियर अभियंता रौसन दुबे ने उम्मीद जताई कि बरसात बाद काम स्पीड से बनना शुरू हो जाएगा,अभी 14पॉइंट सोईल टेस्ट हो गया हैं बाकी टेस्ट बरसात बाद सोन नदी मे पानी काम होने के बाद किया जायेगा.
Ms बृजेश अग्रवाल को काम करने के लिए जितने भी मसीनो की जरूरत थी वह भी अपने कार्यस्थल पर पहुंचा चुके हैं और सभी मसीनो का इंस्टॉलेशन भी चालू कर चुके हैं
सोन नदी पर पुल बन जाने से आवागमन की मिलेगी सुविधा :-
उल्लेखनीय है कि गढ़वा जिला के श्रीनगर और रोहतास जिले के पंदुका के बीच सोन नदी के पुल बन जाने से आवागमन की सुविधा मिलेगा,वही व्यवसायिक गतिविधियां बढ़ी कि क्षेत्र का औद्योगिक विकास होगा साथ ही लोगों को आने जाने के लिए एकमात्र सहारा नाव ही हैं, बरसात के समय नाव बहुत कम चलती थी और लोगो को 3 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए 150 किलोमीटर दुरी तय करना पड़ता था
बहुप्रतीक्षित परियोजना को पूरा होने से बिहार झारखंड उत्तरप्रदेश व छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश के बीच आवागमन का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा
साथ ही कार्यपालक अभियंता ने यह भी कहा कि यह पुल 24 महीना यानी 2 वर्ष में में बनकर तैयार हो जाएगा और संवेदक को 10 बर्ष तक पुल का रखरखाव करना होगा उल्लेखनीय है कि इस पुल के निर्माण के लिए केंद्रीय सड़क एवं इंफ्रास्ट्रक्चर फंड सीआईएएफ के तहत 204. 24 करोड की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है
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