सुपौल बिहार पत्रकारों की हत्या और अत्याचार के खिलाफ आक्रोश सरकार से सुरक्षा की माँग
पत्रकारों की हत्या और अत्याचार के खिलाफ आक्रोश सरकार से सुरक्षा की माँग

रिपोर्ट:-बलराम कुमार सुपौल बिहार।
एंकर:-मामला सुपौल जिला के त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय मुख्यालय स्थित SDM, कार्यालय में जिले के सभी पत्रकारों द्वारा बैठक कर विचार विमर्श करते हुए आए दिन हो रहे पत्रकारों की हत्या और अत्याचार की सुरक्षा को लेकर सरकार से सुरक्षा की माँग को लेकर SDM, एस जेड हसन, को ज्ञापन सौंपने की है।
जिले के सभी पत्रकारों ने बैठक कर विचार विमर्श करते हुए आए दिन हो रहे पत्रकारों की हत्या और अत्याचार के खिलाफ आक्रोश जताया।
हाल हीं में एक वेव, के पत्रकारों को निष्पक्ष खबर लिखने में कुछ लोगों गोली मारकर जान ले ली।
साथ हीं पत्रकारों ने बताया की पत्रकार देश का आईना होता है।
पत्रकार सही गलत को दिखाता है।
पत्रकार बिना भय के अपनी जान हथेली पर रखकर जनता की सेवा करता है।
जब कहीं किसी की नहीं चलती तब लोगों को पत्रकारों का याद आता है।
चाहे जनता हो, चाहे अधिकारीगण हों, चाहे नेतागण हों,फिर भी कोई फर्क नहीं पड़ता साहब, जब पत्रकारों की जरूरत रहती है बस उतना ही भर है।
क्या कहें साहेब एक पत्रकार राज्य की देश की सेवा के लिए दिन, रात, ठंढ,में गर्मी में निःस्वार्थ भावना से काम करते हैं।
फिर भी पत्रकार बदनाम होते हैं।
जनता की तो छोड़िए सरकार भी इस और ध्यान नहीं देती है।
पत्रकार वो चीज है साहब की घर बैठे आपको राज्य की,देश की,विदेश,की घटित घटनाओं के बारे जानकारी दे देती है।
पत्रकार खबर दिखाना बंद कर दे तो आप समझ जाइए राज्य में, देश में, कब कहां, कैसे, क्या हुआ किन्हीं को कोई पता भी नहीं चलेगा।
हैम सभी पत्रकारों ने सरकार से सुरक्षा की मांग को लेकर त्रिवेणीगंज SDM,एस जेड हसन, को ज्ञापन सौंपा है।
SDM, एस जेड हसन,ने ज्ञापन लेते हुए बताया की आपका सौंपा ज्ञापन ऊपर अधिकारी को भेज देंगे।
हम सभी पत्रकार भाई राज्य सरकार माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी, और केंद्र सरकार माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी, से विनम्र पूर्वक निवेदन करते हैं की आए दिन पत्रकारों की हो रही हत्या, और हो रहे अत्याचार,को लेकर ऐसा कानून व्यवस्था बनाए ताकि कोई भी पत्रकार निडर,और निर्भय, निष्पक्ष होकर अपना कार्य करें ताकि जनता को, राज्य को, देश को,राष्ट्रहित में लाने का प्रयास जारी रहे।
अब देखना लाजमी होगा की आए दिन हो रहे पत्रकारों की हत्या और अत्याचार के खिलाफ सरकार क्या कर पाती है।
या फिर सरकार इस पर मौन रहती है।
बाईट:-एस जेड हसन, SDM, त्रिवेणीगंज।
बाईट:-पत्रकार।
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