आगरा घर बैठ ऑनलाइन तय कर सकेंगे अपना गृहकर, 15 मई तक शुरू हो सकती है सुविधा
घर बैठ ऑनलाइन तय कर सकेंगे अपना गृहकर 15 मई तक शुरू हो सकती है सुविधा

आगरा: घर बैठ ऑनलाइन तय कर सकेंगे अपना गृहकर, 15 मई तक शुरू हो सकती है सुविधा।
अरविंद कुमार श्रीवास्तव फिरोजाबाद रिपोर्ट
आगरा के शहरवासी अब अपना गृहकर (हाउस टैक्स) ऑनलाइन खुद ही तय कर सकेंगे।
आपको नगर निगम की बेवसाइट पर संबंधित जानकारी भरकर आवेदन करना होगा।
यह सुविधा जल्द ही शुरू हो सकती है।
आप अपनी संपत्ति के गृहकर का निर्धारण खुद कर सकते हैं। बस आपको करना यह होगा कि आगरा नगर निगम की वेबसाइट पर गृहकर के पेज पर जाकर संपत्ति का माप भरें और सबमिट कर दें। आपको आपके गृहकर की राशि पता लग जाएगी। इसमें किसी इंस्पेक्टर या सुपरवाइजर से मिलने की जरूरत नहीं होगी। सब कुछ ऑनलाइन होगा।
अगर तीन दिन के अंदर गृहकर असेसमेंट के आवेदन पर कोई आपत्ति नहीं की गई तो यह स्वीकृत मान लिया जाएगा। नगर निगम 15 मई तक यह सुविधा शुरू कर सकता है। इसके लिए वेबसाइट और सॉफ्टवेयर में जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं।
पूरी व्यवस्था ऑनलाइन
नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने बताया कि नगर निगम में गृहकर निर्धारण से लेकर उसमें लगने वाली आपत्तियों के निस्तारण तक की पूरी व्यवस्था ऑनलाइन होगी। इसके लिए सॉफ्टवेयर बनाया जा रहा है। टैक्स निर्धारण होने के बाद तय समय सीमा में अगर आपत्ति आवंटी को नहीं दी जाती तो उसे स्वीकृत मान लिया जाएगा। इससे अनियमितताएं समाप्त हो जाएंगी।
एक ही माप की इमारत पर एक जैसा टैक्स आएगा, जबकि अभी शिकायतें मिलती है कि एक माप की दुकानों के टैक्स अलग-अलग हैं। अपर नगर आयुक्त विनोद गुप्ता के मुताबिक एक सप्ताह के अंदर सॉफ्टवेयर और वेबसाइट के लिए जरूरी बदलाव कर लिए जाएंगे और मई के दूसरे पखवाड़े में यह ऑनलाइन व्यवस्था शुरू हो जाएगी।
ऐसे करना होगा आवेदन
नगर निगम की वेबसाइट पर गृहकर पेज पर असेसमेंट के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए वेबसाइट पर सेल्फ असेसमेंट के आइकॉन पर क्लिक करते ही फॉर्म खुल जाएगा, जिसमें ब्योरा दर्ज करना होगा। मकान की माप भरनी होगी। ऑनलाइन पोर्टल पर ही राशि का निर्धारण हो जाएगा, जिसके बाद निगम के टैक्स इंस्पेक्टर तीन दिन के अंदर गृहकर का सत्यापन करेंगे। तीन दिन तक रिपोर्ट न देने पर यह स्वत: स्वीकृत माना जाएगा।
अब मैनुअल कम, ऑनलाइन ग्राहक ज्यादा
आगरा नगर निगम ने दो साल के अंदर जीआईएस आधारित सर्वे कराया है, इसके बाद ऑनलाइन टैक्स जमा करने, यूपीआई, क्रेडिट, डेबिट कार्ड और पॉस मशीनों से टैक्स जमा करने की सुविधा दी तो टैक्स का आंकड़ा 42 करोड़ से बढ़कर 70 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसी लिए नगर निगम इंस्पेक्टरों और सुपरवाइजरों के हस्तक्षेप को कम करते हुए गृहकर निर्धारण की ऑनलाइन व्यवस्था करने जा रहा है।
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