सुपौल लगातार खाद क़िल्लत से जूझ रहे किसान। रात्रि समय ठंढ़ में खा रहे धक्के

रिपोर्ट:-बलराम कुमार सुपौल बिहार।
एंकर:-मामला सुपौल जिला के त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय मुख्यालय अंतर्गत सुपौल अररिया मुख्य सड़क मार्ग-NH-327-ई किनारे बिस्कोमान में रात्रि के समय कंपकपाती ठंढ़ में भी महिला, पुरूष, किसानों द्वारा खाद लेने के लिए लंबी लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करने की है।
महिला किसानों ने बताया की खाद लेने के लिए कंकपकपति ठंढ़ में सुबह तीन बजे से लाइन में भूखे प्यासे खड़े हैं।
शाम सात बजने को चला है फिर भी अबतक मेरा नम्बर नहीं आया है।
करीब महीनों से खाद की कमी रहने के कारण लंबी लंबी लाइन की कतार लगी रहती है।
फिर भी खाद नहीं मिल पा रहा है।
खाद के बिना अभी तक खेत बोआई नहीं की गई है।
वहीं पुरूष किसानों ने बताया की हमलोग खाद के लिए महीनों से परेशान हो रहे हैं।
किसानों को खाद लेने की मारामारी इतनी चल रही है की सभी जगहों पर लंबी लंबी लाइन की कतार लगी रहती है।
नाहीं तो खाद मिलती है।
नाहीं तो यूरिया मील रहा है।
किसान अगर फसल नहीं लगाएगा तो खाएगा क्या।
जो किसान मेहनत मजदूरी कर खेत में अनाज उपजाता है।
जो किसान सभी मनुष्यों का पेट भरता है।
उस किसान की आज ये दुर्गति हर जगह देखने को मिल रही है।
किसान खाद के लिए रोज मर्रा की जिंदगी गुजार रही है।
अब देखना लाजमी होगा की सुशासन बाबू की सरकार में खाद के लिए कबतक किसान को धक्के खाने पड़ेंगे।
कब तक महिला, पुरूष,किसानों को इस कंपकपाती ठंढ़ में रात्रि में भी खाद के लिए लंबी लंबी लाइन की कतार में खड़ा रहना पड़ेगा।
बाईट:-महिला, किसान।
बाईट:-पुरुष किसान।
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