हरदोई: न्याय के लिए भूख हड़ताल पर बैठे बाबा की बिगड़ी सेहत, जानें क्या है मामला?

*हरदोई: न्याय के लिए भूख हड़ताल पर बैठे बाबा की बिगड़ी सेहत, जानें क्या है मामल*
हरदोई! योगीराज में दबंगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि साधु-संतों का भी सुरक्षित रहना मुश्किल हो गया है। दबंगों ने न सिर्फ बाबा को मारा-पीटा बल्कि उन्होंने उनके आश्रम में आग भी लगा दी। पीड़ित बाबा योगी के दरबार में भी गए लेकिन उन्हें न्याय नही मिला, ऐसे में निराश होकर बाबा ने कलेक्ट्रेट में भूख हड़ताल प्रारंभ कर दी जहां उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया। गौरतलब हो कि कुछ माह पूर्व टड़ियावां थाना क्षेत्र में दबंगों ने एक आश्रम में घुसकर बाबा के साथ मारा-पीटा की फिर तोड़फोड़ करते हुए आश्रम में आग लगा दी। दोषियों पर कार्रवाई के लिए बाबा रामसागर दास पिछले पांच दिनों से कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे हैं लेकिन अभी तक उनकी व्यथा सुनने कोई नहीं पहुंचा। बाबा ने बताया कि वे सीएम योगी के दरबार मे भी शिकायत दर्ज करा चुके हैं लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। पांच दिन से भूख हड़ताल के चलते बाबा का स्वास्थ्य भी लगातार गिर रहा है। बताते चलें कि टड़ियावां थाना क्षेत्र के गंगई गांव निवासी बाबा रामसागर दास गोमती नदी किनारे आश्रम बनाए है। उनका आरोप है कि जनवरी में गांव निवासी बांके,सोबरन व करनपुर गांव के देशराज उनके आश्रम में घुस आए और उनको मारा-पीटा व लूटपाट की और भाग निकले। इस घटना की एफआईआर उन्होंने थाना टड़ियावां में दर्ज कराई थी लेकिन पुलिस ने इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की। बाबा का आरोप है कि उक्त दबंग सुलह करने के लिए उन्हें लगातार उन्हें जान से मारने की धमकी देते रहे लेकिन उन्होंने सुलह नहीं की। सुलह न करने पर दबंगों ने आश्रम में आग लगा दी थी।
कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे बाबा राम सागर दास ने बताया कि सुलह से इंकार करने पर विपक्षियों ने आश्रम में घुसकर उनको मारा पीटा और आश्रम में आग लगाकर उन्हें से भगा दिया। बाबा का आरोप है कि पूरे मामले की सूचना उन्होंने पुलिस को दी थी लेकिन पुलिस ने कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की। बाबा ने बताया कि परेशान होकर कलेक्ट्रेट में भूख हड़ताल पर बैठ गए। जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा तो पंजीकृत कर लिया लेकिन कोई कार्यवाई नहीं की। जिससे हमलावरों के हौसले बुलंद हो गए और वे ऐलानियां जान माल की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह पूर्व में भी भूख हड़ताल पर बैठ चुके हैं तब पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था लेकिन अब आरोपी की गिरफ्तारी न होने की वजह से उन्हें दोबारा भूख हड़ताल पर बैठने पर मजबूर//
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