गढवा : *कांडी प्रखंड क्षेत्र में एक सप्ताह के भीतर निर्माणाधीन नहर में गिरकर घायल दो नीलगाय की मौत।*

झारखंड गढ़वा से दयानंद यादव की रिपोर्ट।
कांडी थाना क्षेत्र में एक सप्ताह में दो वन्यजीवों की मौत हो गई। इनके जीवन की रक्षा के निमित्त वन विभाग ने कोई प्रयास नहीं किया। यहां तक कि इन जानवरों के दुर्घटनाग्रस्त होने पर कोई भी विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी इन्हें देखने भी नहीं आया। मालूम हो कि कांडी प्रखंड क्षेत्र में एक सप्ताह के अंदर दो नील गायों की नहर में गिरकर मौत हो गई। पहली घटना में बेलोंपाती गांव के पश्चिम नहर में गिर कर एक नीलगाय घायल हो गया था। वह पूरी रात नहर के दलदल में पानी के बीच फंसा रह गया। इसकी सूचना मिलने पर वन समिति लमारी के अध्यक्ष प्रसिद्ध नारायण सिंह ने उसे कुछ ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला। इसकी सूचना उन्होंने वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड के साथ ही फॉरेस्टर को भी दी। लेकिन वन विभाग के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी ने इधर का रुख नहीं किया।
रात भर दलदल एवं पानी में रह जाने के कारण अगले दिन बाहर निकालने के बाद नीलगाय की मौत हो गई। गवर्नर रोड जैसे मुख्य सड़क के किनारे मरा हुआ नीलगाय का शव सड़ गया है। इससे काफी दुर्गंध निकल रही है। इस सड़क से होकर काफी बड़ी संख्या में राहगीर गुजरते हैं। इस सड़ांध के कारण लोगों का इधर से आना जाना मुश्किल हो गया है।
दूसरी घटना में शनिवार के दिन सबुआ गांव के नजदीक नहर में गिर कर एक बहुत बड़ा नीलगाय घायल हो गया। दो दिन बाद उसकी उसी जगह मौत हो गई। बाद में स्थानीय वन समिति के अध्यक्ष ने उसे जेसीबी से उठवा कर फेंकवा दिया। इस नीलगाय के नहर में गिरने की घटना के बाद भी वन विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी उसे बचाने के लिए मौके पर नहीं पहुंचा।
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